केसे बताऊँ ऊंचाई उनको आसमा की,
हमने भी पर अभी ही खोले हुए हैं ,
क्यों जाऊ वहां उनका सुनने को में जलसा
हर एक लफ्ज पुछ कर वो बोले हुए हैं
को ई आ रहा है ये खबर उसको भी लग ग ई
तभी आज दरवाजा वो अपना खोले हुए है
हो रही हे उसकी शादी की बातचीत
अपना लिबास इसीलिए वो बदले हुये है
कमलेश दुबे
