माँ खादी का कुर्ता दे दे, मैं नेता बन जाउ
जल्दी से कोई जुगत लगाकर
किसी पार्टी में घुस जाऊ
पांच साल के अन्दर बंगला
पांच साल के भीतर गाड़ी,
मेरे लिए फिर तू ले आना,
देख दाख के सुन्दर लाड़ी
अभी जो बोले भला बुरा,
वो कल बोलेंगे मुझको दाऊ....! माँ खादी का कुर्ता दे दे,
ऊपर-ऊपर देश सेवा और
भीतर-भीतर अपनी सेवा
बांटू रोटी चोराहे पर
खुद खाऊ घी, लड्डू, मेवा!
देश में चाहे जो हो उससे
मैं काहे भला पछताऊ..! माँ खादी का कुर्ता दे दे,
कमलेश
