एक गीत (08 /10 /2010)
दिल चुराने के लिए
हम तो हमेशा तैयार है
पर आँखों की संदूकची में
वो ससुरा
काजल का पहरेदार है....!
होंठों पे लाली, कानों में झुमके
पायल पांव में,
जुल्फों में गजरा, माथे पे बिंदी
कंगना हाथ में,
बैठे पहरेदार है,
एक उस दिल की हिफाजत करने को
तेरे पास सब हथियार है..! दिल चुराने के लिए
जो देख ले तुझे
इस सुरमई सी शाम में
इस रूप में
वो हमेशा रहना चाहे
तेरे हुस्न की इस धूप में,
कर यकीं मेरे कहे का
तू गुल गुले गुलजार है
तेरे ही जलवे जहाँ में
तुझसे ही रोनकें बहार है....! दिल चुराने के लिए
तेरी एक झलक पाने को
ये मनचला बैचेन है
दिन का सुकूं खोया है इसने
रातों का खोया चैन है
इस बावले को बस तेरी
एक हाँ का ही इंतजार है
कर दवा दारू मेरी
मुझे तेरे इश्क का बुखार है..! दिल चुराने के लिए
कमलेश दुबे
