26 /09 /2010
चलो, किसी का... ख्वाब आया तो,
दिल पे कोई दवाब आया तो....!
हाले दिल बहुत से लोगों तक अपना भेजा,
खुश हुआ एक का जवाब आया तो....!
सच कहूँ जबसे तेरे साथ रहा,
मुझको कुछ करना हिसाब आया तो,..!
अब दिन कटेंगे, मेरे कुछ मस्ती भरे,
इश्क की वो किताब लाया जो !
यूँ तो पीता नहीं पर चख ली मेनें
वो जो नैनों की शराब लाया तो..!
कमलेश दुबे
